Naxal Arrested: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शुक्रवार को सुरक्षा बलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत एक बड़ी कामयाबी हासिल की। एक समन्वित अभियान में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के पांच सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की। यह कार्रवाई नक्सल हिंसा से लंबे समय से प्रभावित क्षेत्र में उग्रवाद पर लगाम कसने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
Naxal Arrested: मुखबिर की सूचना पर शुरू हुआ था ऑपरेशन
सुकमा के जगरगुंडा थानाक्षेत्र के अचकट गांव के घने जंगल में यह अभियान चलाया गया। पुलिस को एक स्थानीय मुखबिर से माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। इसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 74वीं और 226वीं बटालियन की एक संयुक्त टीम ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इस टीम का नेतृत्व जगरगुंडा थाने के एसएचओ कर रहे थे।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी का आभास होते ही संदिग्ध माओवादी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन सतर्क जवानों ने उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया।
Naxal Arrested: गिरफ्तार माओवादी कौन हैं?
पकड़े गए माओवादियों की पहचान निम्न रूप से हुई है:
- हेमला पाला (35)
- हेमला हुंगा (35)
- सोडी देवा (25)
- नुप्पो (20)
- कुंजम मासा (28)
ये सभी जगरगुंडा-पामेड़ क्षेत्र समिति के तहत सुरपांगुडा क्षेत्र में सक्रिय थे और चिंतलनार के रहने वाले हैं। इन पर लंबे समय से माओवादी गतिविधियों में लिप्त रहने के आरोप हैं।
बरामद हुए विस्फोटक और हथियार
गिरफ्तारी के दौरान इन माओवादियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। इनमें शामिल हैं:
- 2 देसी बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (BGL) के गोले
- 1 टिफिन बम
- 7 जिलेटिन रॉड
- 9 डेटोनेटर
- विस्फोटक पाउडर
- आईईडी बनाने की अन्य सामग्री
ये सभी वस्तुएं नक्सल हमलों में बड़े पैमाने पर तबाही के लिए उपयोग की जाती रही हैं।
बस्तर में बढ़ रही है सुरक्षा बलों की पकड़
यह अभियान राज्य सरकार और केंद्रीय बलों द्वारा बस्तर क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने के लिए चलाए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर जैसे जिलों में पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों की सक्रियता और खुफिया तंत्र की मजबूती से नक्सलियों पर दबाव बढ़ा है।
मंगलवार को ही सुकमा और दंतेवाड़ा सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में एक माओवादी मारा गया था और डीआरजी के तीन जवान घायल हो गए थे। 29 जुलाई को शुरू हुए इस अभियान में लगातार गोलीबारी हुई थी।
आगे की पूछताछ जारी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार माओवादियों से पूछताछ की जा रही है ताकि उनके नेटवर्क, पूर्व हमलों में संलिप्तता और बरामद विस्फोटकों की आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाया जा सके। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि इन गिरफ्तारियों से भविष्य में होने वाले संभावित माओवादी हमलों को रोका जा सकेगा।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन और तेज किया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिल सके। सुरक्षा बलों की ओर से स्थानीय जनता से भी अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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