Cloudburst: जम्मू-कश्मीर में लगातार तीसरे दिन मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मंगलवार को बारिश और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई, जिनमें रियासी जिले के कटरा में माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर हुए भूस्खलन में 10 तीर्थयात्री मारे गए। इस हादसे में 14 अन्य लोग घायल हुए, जिनमें उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के एक परिवार के पांच सदस्य शामिल हैं। हादसा दोपहर करीब 3 बजे अढ़क्वारी के पास इंद्रप्रस्थ भोजनालय के निकट हुआ। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया और बचाव कार्य शुरू कर दिए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हैं।
Cloudburst: डोडा में बादल फटने से नुकसान, नदियां उफान पर
जम्मू क्षेत्र में डोडा जिले में बादल फटने की घटना ने चार लोगों की जान ले ली और 10 से अधिक मकान बह गए। तवी, चेनाब, बंसतार और रावी नदियां खतरे के निशान से ऊपर या उसके करीब बह रही हैं, जिससे जम्मू, कठुआ और सांबा के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। तवी नदी का जलस्तर उधमपुर में 20 फीट के खतरे के निशान को पार कर चुका है। जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद हैं। भगवती नगर के पास तवी नदी पर बना चौथा पुल ढह गया, जिससे यातायात और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ।
Cloudburst: हिमाचल प्रदेश में 700 सड़कें बंद, ब्यास नदी का तांडव
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, मंगलवार सुबह तक 690 सड़कें बंद हो चुकी थीं, जिनमें मंडी जिले में 320 और कुल्लू में 132 सड़कें शामिल हैं। ब्यास नदी के उफान ने मनाली में भारी तबाही मचाई, जहां एक बहुमंजिला होटल और चार दुकानें बह गईं। चंडीगढ़-मनाली और मनाली-लेह राजमार्ग के हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे सैकड़ों पर्यटक फंस गए। मौसम विभाग ने कांगड़ा, चंबा और मंडी के लिए रेड अलर्ट और शिमला, सोलन व सिरमौर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 20 जून से 25 अगस्त तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 156 लोगों की मौत हो चुकी है।
Cloudburst: प्रशासन का अलर्ट, राहत और बचाव कार्य तेज
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने स्थिति को “गंभीर” बताते हुए जम्मू में आपातकालीन बैठक की और उपायुक्तों को आपातकालीन कार्यों के लिए अतिरिक्त फंड आवंटित करने का निर्देश दिया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी दी। शाह ने एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन को बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। जम्मू में रात के समय आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, और स्कूल-कॉलेज 27 अगस्त तक बंद रहेंगे। उत्तरी रेलवे ने कटरा, जम्मू और उधमपुर से 18 ट्रेनें रद्द की हैं, जिनमें वंदे भारत एक्सप्रेस भी शामिल है।
दिल्ली, पंजाब और लद्दाख में भी बारिश का असर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अगस्त में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई, जो सामान्य से 60% अधिक है। अब तक 321.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे जलभराव और यातायात जाम की स्थिति बनी। पंजाब के कपूरथला और फिरोजपुर में ब्यास, सतलुज और रावी नदियों के उफान से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। लद्दाख के खारदुंग ला दर्रे पर पहली बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने लद्दाख के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
ओडिशा और राजस्थान में बाढ़ और बारिश की चेतावनी
उत्तरी ओडिशा के बालासोर, भद्रक और जाजपुर में सुवर्णरेखा और बैतरणी नदियों के उफान से 170 से अधिक गांव जलमग्न हैं। आईएमडी ने बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र के कारण भारी बारिश की चेतावनी दी है। राजस्थान में जालौर, उदयपुर और सिरोही के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां अति भारी बारिश की आशंका है।
नुकसान और राहत के प्रयास
हिमाचल में 20 जून से अब तक बारिश से 2,394 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसमें 78 बाढ़, 41 बादल फटने और 82 भूस्खलन की घटनाएं शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ, जिसमें कई पुल, सड़कें और मोबाइल टावर क्षतिग्रस्त हो गए। प्रशासन ने लोगों से नदियों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। सेना, एनडीआरएफ और स्थानीय टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
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