Donald Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से होने वाले आयात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का आदेश जारी किया। यह फैसला भारत द्वारा रूस से तेल आयात जारी रखने के जवाब में लिया गया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह कदम यूक्रेन युद्ध के कारण रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को और प्रभावी बनाने के लिए उठाया गया है। ट्रंप ने पिछले सप्ताह इस शुल्क की घोषणा की थी, जिसे अब आधिकारिक रूप से लागू किया जा रहा है।
Donald Trump Tariff: राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर अमेरिका का जोर
आदेश में कहा गया है कि भारत प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रूस से तेल आयात कर रहा है, जिसे अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के लिए खतरा मानता है। आदेश के मुताबिक, “अनुरूप कानूनों के तहत, अमेरिका के सीमा शुल्क क्षेत्र में भारत से आयातित वस्तुओं पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।” यह शुल्क 21 दिन बाद लागू होगा, लेकिन 17 सितंबर से पहले सीमा शुल्क से क्लियर होने वाली वस्तुओं को छूट दी जाएगी। यह शुल्क मौजूदा शुल्कों के अतिरिक्त होगा, सिवाय उन वस्तुओं के जो विशेष छूट श्रेणियों या व्यापार समझौतों के तहत आती हैं। आयातित वस्तुओं को “प्रिविलेज्ड फॉरेन स्टेटस” के तहत सख्त सीमा शुल्क नियमों का पालन करना होगा।
Donald Trump Tariff: भारत की प्रतिक्रिया, राष्ट्रीय हितों की रक्षा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस शुल्क को “दुर्भाग्यपूर्ण” करार देते हुए कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का तेल आयात बाजार कारकों और 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य पर आधारित है। जायसवाल ने कहा, हमने अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी है। अमेरिका द्वारा हाल के दिनों में हमारे तेल आयात को निशाना बनाना चिंताजनक है।
Donald Trump Tariff: कांग्रेस का तीखा हमला, अमेरिका पर ब्लैकमेलिंग का आरोप
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, “अमेरिका हमें ब्लैकमेल कर रहा है। भारत कभी ऐसी ब्लैकमेलिंग के आगे नहीं झुका।” उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। खेड़ा ने कहा, “पिछले 11 सालों में पीएम मोदी ने अपनी छवि को देश हितों से ऊपर रखा है। हम उम्मीद करते हैं कि वे इस बार हिम्मत दिखाएंगे।”
शशि थरूर की चिंता: निर्यात पर पड़ेगा असर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चेतावनी दी कि यह शुल्क भारत के निर्यात को प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा, अगर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंचता है, तो हमारे उत्पाद अमेरिका में अप्राप्य हो जाएंगे। थरूर ने वियतनाम, इंडोनेशिया, फिलीपींस, बांग्लादेश और पाकिस्तान जैसे देशों का हवाला देते हुए कहा कि कम टैरिफ वाले ये देश भारत के प्रतिस्पर्धी बन सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को ब्रिटेन के साथ हाल के मुक्त व्यापार समझौते और यूरोपीय संघ के साथ चल रही बातचीत के जरिए अपने निर्यात बाजारों में विविधता लानी होगी। थरूर ने इसे अल्पकालिक झटका बताया।
अमेरिकी एजेंसियों को निगरानी का निर्देश
ट्रंप ने आदेश में बदलाव का अधिकार अपने पास रखा है ताकि भारत या रूस की नीतियों में बदलाव की स्थिति में इसे संशोधित किया जा सके। साथ ही, अमेरिकी वाणिज्य, विदेश और कोषागार विभागों को अन्य देशों के रूस से तेल व्यापार की निगरानी करने और समान कदमों की सिफारिश करने का निर्देश दिया गया है।
आर्थिक और कूटनीतिक चुनौतियां
यह शुल्क भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपनी ऊर्जा नीति और वैश्विक व्यापार रणनीति में संतुलन बनाना होगा। भारत को नए बाजारों की तलाश और कूटनीतिक बातचीत के जरिए इस चुनौती का सामना करना होगा।
कौन-सी चीजें होंगी सबसे ज्यादा प्रभावित
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत से आयात पर 25% अतिरिक्त शुल्क से ऑटो पार्ट्स, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टील, केमिकल और फार्मा उत्पाद महंगे होंगे। इससे अमेरिकी बाजार में इनकी मांग घटेगी, जिससे भारतीय निर्यातक कम कीमत पर सामान बेचने को मजबूर होंगे या आयात कम होगा। भारतीय उद्योग और व्यवसायी प्रभावित होंगे। हालांकि, आवश्यक वस्तुओं पर यह शुल्क लागू नहीं होगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि भारत के जवाबी कदम पर टैरिफ और बढ़ सकता है। यह भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों और भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है।
यह भी पढ़ें:-
भारत में मॉनसून का कहर: उत्तर से दक्षिण तक भारी बारिश, बाढ़ और अलर्ट जारी
Passionate journalist and content creator at ByNewsIndia, bringing readers the latest updates on politics, business, technology, and lifestyle with accuracy and clarity.


