Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में भारतीय सेना ने बुधवार (13 अगस्त 2025) को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास आतंकियों की घुसपैठ की एक और कोशिश को नाकाम कर दिया। इस दौरान उत्तरी कश्मीर के चुरुंडा गांव में सेना और आतंकियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें एक जवान शहीद हो गया। सेना ने पूरे इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। पिछले 13 दिनों में यह तीसरी बार है जब सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई है। स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़ी सुरक्षा चुनौतियों के बीच सेना ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी साजिशों को विफल करने में फिर से अपनी ताकत दिखाई है।
Jammu Kashmir: पाकिस्तान की नापाक साजिश पर पानी
स्वतंत्रता दिवस के नजदीक आते ही पाकिस्तान द्वारा भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिशें तेज हो गई हैं। उरी सेक्टर में हुई इस मुठभेड़ को पाकिस्तान के बॉर्डर एक्शन टीम (बीएटी) से जोड़ा जा रहा है, जो आतंकियों को घुसपैठ में सहायता प्रदान करती है। सेना के सूत्रों के अनुसार, खराब मौसम और कम दृश्यता का फायदा उठाकर आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन सतर्क जवानों ने उन्हें रोक दिया। इस मुठभेड़ में एक जवान, सिपाही बानोथ अनिल कुमार, ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। सेना की चिनार कोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शहीद जवान को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
Jammu Kashmir: सुरक्षा बलों की सतर्कता और ऑपरेशन
भारतीय सेना ने उरी के चुरुंडा इलाके में तत्काल काउंटर-इन्फिल्ट्रेशन ऑपरेशन शुरू किया। इस ऑपरेशन में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से आतंकियों की तलाश में जुटी हैं। कुछ सूत्रों के अनुसार, इस मुठभेड़ में दो से तीन आतंकियों को मार गिराया गया है, और हथियारों का एक बड़ा जखीरा भी बरामद किया गया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि बाकी है। सेना ने रुद्र हेलीकॉप्टरों और ड्रोनों की मदद से इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया है ताकि बचे हुए आतंकियों को पकड़ा या ढेर किया जा सके।
Jammu Kashmir: पिछले ऑपरेशनों का रिकॉर्ड
सेना ने हाल के महीनों में आतंकवाद के खिलाफ कई सफल अभियान चलाए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया और 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। इसके अलावा, ऑपरेशन महादेव में 28 जुलाई को दाचीगाम नेशनल पार्क में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर सुलेमान शाह सहित तीन पाकिस्तानी आतंकियों को ढेर किया गया। यह आतंकी 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार थे, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। ऑपरेशन अखल में भी कुलगाम के जंगलों में लंबे समय तक चले अभियान में कई आतंकियों को मार गिराया गया।
किश्तवाड़ में भी मुठभेड़
उरी से पहले, 10 अगस्त को किश्तवाड़ के दुल इलाके में भी सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। सेना की वाइट नाइट कोर ने खुफिया जानकारी के आधार पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, जिसके दौरान आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इस ऑपरेशन में भी सेना ने आतंकियों को घेरने में सफलता हासिल की थी।
उरी में हुई इस ताजा मुठभेड़ ने एक बार फिर भारतीय सेना की सतर्कता और बलिदान को उजागर किया है। स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए सेना और सुरक्षाबल पूरी तरह तैयार हैं। पाकिस्तान की ओर से बार-बार घुसपैठ की कोशिशें भारत की सुरक्षा के लिए चुनौती बनी हुई हैं, लेकिन सेना का दृढ़ संकल्प आतंकियों के मंसूबों को हर बार नाकाम कर रहा है।
यह भी पढ़ें:-
पहाड़ों से मैदान तक बरसात का कहर, दिल्ली समेत 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
Passionate journalist and content creator at ByNewsIndia, bringing readers the latest updates on politics, business, technology, and lifestyle with accuracy and clarity.


