Road Accident: पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर शुक्रवार, 15 अगस्त 2025 को एक भीषण सड़क हादसे में बिहार के 11 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा एक यात्री बस और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से हुआ, जिसमें 35 अन्य लोग घायल हो गए। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस दुखद घटना पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की।
Road Accident: तीर्थयात्रियों की बस दुर्घटनाग्रस्त
हादसा पूर्वी बर्धमान के फागुनीपुर इलाके में नाला फेरी घाट के पास हुआ, जब गंगा सागर से दर्शन कर लौट रही एक लग्जरी बस राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। मृतकों में आठ पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं, जो सभी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी के रहने वाले थे। बस में सवार 45 यात्री 8 अगस्त को मोतिहारी से देवघर और फिर गंगा सागर की तीर्थयात्रा पर निकले थे। हादसे में घायल 35 लोगों, जिनमें छह बच्चे शामिल हैं, को तत्काल बर्धमान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया।
Road Accident: मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे को बेहद दुखद बताते हुए तत्काल राहत उपायों की घोषणा की। उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को पश्चिम बंगाल सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर मृतकों के शवों को उनके गृह जिले तक पहुंचाने और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा, इस दुखद घटना ने हमें गहरे आघात में डाल दिया है। हम शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
स्थानीय प्रशासन का बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने सबसे पहले मलबे से लोगों को निकालने में मदद की और पुलिस को सूचित किया। बर्धमान के एक पुलिस अधिकारी ने बताया, बस की रफ्तार तेज थी, और ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे खड़ा था। टक्कर के बाद बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बचाव कार्य में एनडीआरएफ की एक टीम भी शामिल हुई, जिसने मलबे में फंसे लोगों को निकालने में सहायता की।
परिवारों का दर्द: अपूरणीय क्षति
मृतकों के परिवारों में शोक की लहर है। मोतिहारी के एक पीड़ित परिवार के सदस्य रामू सहनी ने बताया, हमारे भाई गंगा सागर दर्शन के लिए गए थे। हमें क्या पता था कि यह उनकी आखिरी यात्रा होगी। एक अन्य पीड़ित परिवार की महिला ने कहा कि उनके पति परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे, और अब उनके दो छोटे बच्चों का भविष्य अनिश्चित है। स्थानीय प्रशासन और बिहार सरकार पीड़ित परिवारों से संपर्क साधने और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने में जुटी है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा और वाहन प्रबंधन के मुद्दों को सामने लाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहन और तेज रफ्तार इस तरह के हादसों के प्रमुख कारण हैं। बर्धमान पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और ट्रैक्टर-ट्रॉली के मालिक से पूछताछ की जा रही है।
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