CP Radhakrishnan: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को भारत के आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह घोषणा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की, जिसमें उन्होंने कहा कि राधाकृष्णन को सर्वसम्मति से चुना गया है। यह निर्णय पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद लिया गया, जिन्होंने 21 जुलाई को पद छोड़ा था। उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होगा, और नामांकन की अंतिम तारीख 21 अगस्त है।
CP Radhakrishnan: तमिलनाडु से गहरा वैचारिक जुड़ाव
चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ था। बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक, राधाकृष्णन 16 साल की उम्र से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य बने। उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता ने उन्हें तमिलनाडु में भाजपा का एक मजबूत चेहरा बनाया। वह प्रभावशाली गाउंडर समुदाय से हैं, जिसका तमिलनाडु की राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव है। राधाकृष्णन को स्थानीय स्तर पर ‘कोयंबटूर का वाजपेयी’ कहा जाता है, जो उनकी सादगी और सहजता को दर्शाता है।
CP Radhakrishnan: सांसद और संगठनात्मक नेतृत्व
राधाकृष्णन ने 1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा चुनाव जीता, जिसमें 1998 में कोयंबटूर बम धमाकों के बाद उनकी जीत 1.5 लाख वोटों के अंतर से हुई। सांसद के रूप में उन्होंने कपड़ा संबंधी संसदीय समिति के अध्यक्ष, सार्वजनिक उपक्रम और वित्त समितियों के सदस्य, और स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच समिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2004 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व किया और ताइवान के पहले संसदीय दौरे में शामिल हुए। 2004-2007 तक तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए, उन्होंने 19,000 किमी की 93-दिवसीय रथ यात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें नदियों को जोड़ने, आतंकवाद उन्मूलन, और अस्पृश्यता जैसे मुद्दों को उठाया।
CP Radhakrishnan: प्रशासनिक और गवर्नर की भूमिका
2016-2020 तक कॉयर बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में राधाकृष्णन ने 2,532 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड कॉयर निर्यात का नेतृत्व किया। 2020-2022 तक वे केरल भाजपा के प्रभारी रहे। 18 फरवरी 2023 को उन्हें झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने चार महीनों में सभी 24 जिलों का दौरा किया। 2024 में उन्हें तेलंगाना और पुडुचेरी का अतिरिक्त प्रभार मिला, और जुलाई 2024 में वे महाराष्ट्र के 24वें राज्यपाल बने। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, ग्रामीण कल्याण, और टीबी उन्मूलन जैसे क्षेत्रों में योगदान दिया।
मोदी-शाह का विश्वासपात्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राधाकृष्णन की ‘निष्ठा, विनम्रता और बुद्धिमत्ता’ की प्रशंसा की, जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें अनुभवी सांसद और प्रशासक बताया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी उनकी उम्मीदवारी का स्वागत किया। राधाकृष्णन ने X पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस अवसर के लिए आभारी हैं और देश की सेवा में समर्पित रहेंगे।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए उम्मीदवार घोषित होने पर सीपी राधाकृष्णन को बधाई। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को एनडीए की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार घोषित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
राधाकृष्णन का चयन NDA की तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले दक्षिण भारत में प्रभाव बढ़ाने की रणनीति को दर्शाता है। उनकी साफ छवि, संगठनात्मक कौशल, और RSS से गहरा जुड़ाव उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए मजबूत दावेदार बनाता है। NDA की संसदीय बहुमत के साथ, उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है।
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