Achyut Potdar Death: बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अच्युत पोतदार का सोमवार, 18 अगस्त को 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने ठाणे के जुपिटर अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें भर्ती किया गया था। उनकी बेटी अनुराधा पारस्कर ने उनके निधन की पुष्टि की और बताया कि अंतिम संस्कार मंगलवार शाम ठाणे में होगा। पोतदार के निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर छा गई है। उनके प्रशंसक और सहकलाकार सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
Achyut Potdar Death: 44 की उम्र में शुरू किया अभिनय का सफर
अच्युत पोतदार का जीवन प्रेरणा का प्रतीक रहा। 22 अगस्त 1934 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक मराठी ब्राह्मण परिवार में जन्मे पोतदार ने अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर किया और 1961 में विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक हासिल किया। रीवा में प्रोफेसर के रूप में करियर शुरू करने के बाद वे भारतीय सेना में शामिल हुए और 1967 में कैप्टन के पद से रिटायर हुए। इसके बाद उन्होंने इंडियन ऑयल में 25 साल तक कार्यकारी के रूप में काम किया, जहां उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और नाटकों में हिस्सा लिया। 44 की उम्र में, बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के, उन्होंने 1980 में फिल्म ‘आक्रोश’ से अभिनय की शुरुआत की।
Achyut Potdar Death: 125 से अधिक फिल्मों में छोड़ी छाप
पोतदार ने हिंदी और मराठी सिनेमा में 125 से अधिक फिल्मों में काम किया। उनकी उल्लेखनीय फिल्मों में ‘आक्रोश’, ‘अर्ध सत्य’, ‘तेजाब’, ‘परिंदा’, ‘दामिनी’, ‘रंगीला’, ‘वास्तव’, ‘हम साथ-साथ हैं’, ‘लगे रहो मुन्ना भाई’, ‘परिणीता’, ‘दबंग 2’, और ‘3 इडियट्स’ शामिल हैं। ‘3 इडियट्स’ में उनके प्रोफेसर के किरदार ने उन्हें घर-घर में मशहूर किया। उनका डायलॉग अरे कहना क्या चाहते हो? आज भी सोशल मीडिया पर मीम्स और रील्स में वायरल है। उनकी सादगी और किरदारों में गहराई लाने की कला ने उन्हें दर्शकों का चहेता बनाया।
Achyut Potdar Death: टीवी और थिएटर में भी बिखेरा जलवा
पोतदार ने सिनेमा के साथ-साथ छोटे पर्दे पर भी अपनी प्रतिभा दिखाई। उन्होंने ‘वागले की दुनिया’, ‘माझा होशील ना’, ‘मिसेज तेंदुलकर’, और ‘भारत एक खोज’ जैसे लोकप्रिय टीवी सीरियल्स में काम किया। मराठी थिएटर में भी वे सत्यदेव दुबे, विजया मेहता, और सुलभा देशपांडे जैसे दिग्गजों के साथ जुड़े। 95 टीवी सीरियल्स, 26 नाटकों, और 45 विज्ञापनों में उनकी मौजूदगी उनकी बहुमुखी प्रतिभा का सबूत है। 2015 में इंदौर के सानंद समूह ने उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और 2021 में ‘माझा होशील ना’ के लिए जी मराठी जीवन गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर
पोतदार के निधन की खबर के बाद स्टार प्रवाह ने इंस्टाग्राम पर लिखा, वरिष्ठ अभिनेता अच्युत पोतदार को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। उनकी मुस्कान और हर किरदार की सादगी हमेशा याद रहेगी। कई मराठी और हिंदी टीवी चैनलों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उनके किरदारों को याद करते हुए लिखा, उनका छोटा-सा किरदार भी फिल्म को जीवंत कर देता था।
युवाओं के लिए प्रेरणा हैं उपलब्धियां
अच्युत पोतदार का जीवन और करियर असाधारण था। सेना, कॉरपोरेट, और अभिनय के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। बिना प्रशिक्षण के 44 की उम्र में अभिनय शुरू कर उन्होंने साबित किया कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती। उनकी सादगी, समर्पण, और कला के प्रति जुनून भारतीय सिनेमा में हमेशा जीवित रहेगा। उनकी विरासत भावी पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
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