Archana Tiwari: मध्य प्रदेश के कटनी की रहने वाली 29 वर्षीय अर्चना तिवारी, जो 7 अगस्त को नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से इंदौर से कटनी के लिए रवाना हुई थीं, 12 दिन बाद उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में नेपाल सीमा के पास मिली हैं। भोपाल की रानी कमलापति थाना जीआरपी ने मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को उन्हें बरामद किया। जीआरपी पुलिस अधीक्षक (एसपी) राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि अर्चना को भोपाल लाया जा रहा है, जहां पूछताछ के बाद उनके लापता होने के रहस्य से पर्दा उठेगा। पुलिस के अनुसार अर्चना की आखिरी लोकेशन इटारसी स्टेशन पर मिली थी
Archana Tiwari: नर्मदा एक्सप्रेस में रहस्यमयी ढंग से गायब
अर्चना तिवारी, जो मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में प्रैक्टिसिंग वकील हैं और सिविल जज परीक्षा की तैयारी कर रही थीं, रक्षाबंधन के लिए अपने परिवार से मिलने कटनी जा रही थीं। 7 अगस्त को उन्होंने इंदौर से नर्मदा एक्सप्रेस (बी-3 कोच) में यात्रा शुरू की। रात 10:16 बजे उन्होंने अपनी चाची से फोन पर बात की, जब ट्रेन भोपाल के पास थी। अगली सुबह 6:50 बजे ट्रेन कटनी पहुंची, लेकिन अर्चना नहीं उतरीं। उनके परिजनों को उनकी बर्थ पर केवल उनका बैग मिला, जिसमें राखी और उपहार थे। इसके बाद परिवार ने रानी कमलापति जीआरपी थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की।
Archana Tiwari: पुलिस की व्यापक तलाशी
जीआरपी, आरपीएफ, स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ ने संयुक्त रूप से खोज अभियान चलाया। पुलिस ने इंदौर से कटनी के बीच स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और 50 से अधिक सहयात्रियों से पूछताछ की। अर्चना की आखिरी लोकेशन इटारसी स्टेशन पर मिली, जहां तक उनका फोन सक्रिय था। इसके बाद फोन बंद हो गया। पुलिस ने नर्मदापुरम के पास नर्मदा नदी में डूबने की आशंका में गोताखोरों की मदद ली और जंगल-रेलवे ट्रैक की तलाशी ली। 18 अगस्त को जांच में ग्वालियर कनेक्शन सामने आया, जब पता चला कि ग्वालियर के एक आरक्षक राम तोमर ने अर्चना का इंदौर-कटनी ट्रेन टिकट बुक किया था।
Archana Tiwari: ग्वालियर आरक्षक का कनेक्शन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरक्षक राम तोमर अर्चना से एकतरफा प्रेम करता था और उसने उनकी यात्रा के लिए टिकट बुक किया था। हालांकि, एसपी लोढ़ा ने स्पष्ट किया कि अर्चना के लापता होने में आरक्षक की संलिप्तता का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। जांच में यह भी सामने आया कि अर्चना ने मंगलवार सुबह अपनी मां से फोन पर बात की और बताया कि वह सुरक्षित हैं। परिवार के मुंहबोले भाई अंशु मिश्रा ने दावा किया कि अर्चना ने कहा कि वह ग्वालियर में हैं, लेकिन पुलिस ने उन्हें लखीमपुर खीरी से बरामद किया।
परिवार की राहत, रहस्य बरकरार
अर्चना के मिलने से उनके परिवार ने राहत की सांस ली है। परिवार ने पहले मानव तस्करी की आशंका जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। हालांकि, एसपी लोढ़ा ने इस कोण पर कोई टिप्पणी नहीं की। अर्चना के लखीमपुर खीरी तक पहुंचने और 12 दिन तक गायब रहने के कारणों का खुलासा उनकी पूछताछ के बाद ही होगा।
अर्चना के बयान का इंतजार
पुलिस अब अर्चना के बयान का इंतजार कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह इटारसी से लखीमपुर खीरी कैसे पहुंचीं और इन 12 दिनों में क्या हुआ। साइबर टीम उनकी मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। इस मामले ने मध्य प्रदेश में व्यापक ध्यान खींचा था, और अब सभी की नजरें अर्चना के बयान पर टिकी हैं।
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