Nikki Murder Case: ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में 28 वर्षीय निक्की भाटी की दहेज के लिए बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पति विपिन भाटी और सास दयावती को गिरफ्तार कर लिया है। इस दिल दहलाने वाली घटना ने देशभर में आक्रोश पैदा किया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस को तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
Nikki Murder Case: हादसे का खौफनाक मंजर
21 अगस्त की रात कासना थाना क्षेत्र में निक्की को उसके पति विपिन और सास दयावती ने कथित तौर पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। निक्की की बड़ी बहन कंचन, जो उसी परिवार में विपिन के भाई रोहित से विवाहित है, ने बताया कि निक्की को 36 लाख रुपये के दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जाता था। कंचन ने कहा, शादी में स्कॉर्पियो, बुलेट बाइक, सोना और नकदी दी गई थी, लेकिन ससुराल वालों की मांगें कभी खत्म नहीं हुईं। निक्की को 70% जलने के बाद फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
Nikki Murder Case: विपिन का एनकाउंटर और बयान
पुलिस ने विपिन को शनिवार को गिरफ्तार किया। रविवार को सबूत इकट्ठा करने के दौरान उसने कासना पुलिस से पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की, जिसके बाद मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी। अस्पताल में इलाज के दौरान विपिन ने बेशर्मी से कहा, मुझे कोई पछतावा नहीं। मैंने उसे नहीं मारा, वह खुद मर गई। पति-पत्नी में झगड़ा आम बात है। इस बयान ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया।
Nikki Murder Case: दयावती की गिरफ्तारी और परिवार का आक्रोश
कंचन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने विपिन, रोहित, दयावती और ससुर सतवीर के खिलाफ भादंसं की धारा 103(1) (हत्या), 115(2) (चोट पहुंचाना), और 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया। रविवार देर रात दयावती को जिम्स अस्पताल के पास से गिरफ्तार किया गया। निक्की के पिता भिखारी सिंह पायला ने कहा, “वे हत्यारे हैं। उनकी सजा गोली या फांसी होनी चाहिए। उनकी मांगों ने मेरी बेटी की जान ले ली।” परिवार ने कासना थाने के बाहर प्रदर्शन कर न्याय की मांग की।
एनसीडब्ल्यू का सख्त रुख
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने यूपी के डीजीपी को पत्र लिखकर सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, सख्त कानूनी कार्रवाई और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। आयोग ने तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एनसीडब्ल्यू ने कहा कि यह मामला दहेज हिंसा के खिलाफ कड़ा संदेश देने का अवसर है।
साक्ष्य और जांच
घटना के दो वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें विपिन और दयावती को निक्की को बालों से खींचते और मारते दिखाया गया है। दूसरा वीडियो निक्की को जलते हुए सीढ़ियों पर लंगड़ाते हुए दिखाता है। निक्की के छह साल के बेटे ने कहा, उन्होंने मम्मा पर कुछ डाला, थप्पड़ मारा और लाइटर से आग लगा दी। पुलिस ने ज्वलनशील पदार्थ की बोतलें बरामद की हैं और रोहित व सतवीर की तलाश के लिए दो टीमें गठित की हैं।
सामाजिक आक्रोश और सवाल
यह मामला दहेज प्रथा की क्रूरता को उजागर करता है। निक्की का परिवार और स्थानीय लोग कासना थाने के बाहर इकट्ठा होकर “निक्की को न्याय दो” के नारे लगा रहे हैं। यह घटना समाज में दहेज के खिलाफ जागरूकता और सख्त कानून लागू करने की जरूरत को रेखांकित करती है।
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